Tow line shayari | 2 line Poetry | Hindi shayari | Urdu shayari | Kt poe...
2 line poetry | Hindi shayari |Urdu shayari कुछ यूँ हमारी वकत ने पहचान छीन ली । अपनो को आरहे हैं नजर अजनबी से हम।। तस्वीर मेरी अपने कमरे से हटा दी है । तुम दिल से भी मेरी तस्वीर हटाओ तो ।। जब साथ नहीं देती तेरी जुबां जाना । अशकों की जुबानी ही अपना हाल सुनाओ ना ।। नजर के सामने चेहरा नहीं है कोई भी । मेरे मिजाज पे उतरा नहीं है कोई भी ।। तस्वीर से लिपट कर तेरे हम कभी कभी । यूँ भी गुजारते हैं शबे गम कभी-कभी ।।